भागलपुर में दो जगह हुआ रावण दहन, 30 फीट के रावण का अंत; 15 साल बाद जिला स्कूल मैदान में गूंजा जय श्रीराम!

नाथनगर के सीटीएस मैदान में डीएम अलंकृता पांडे ने किया रावण दहन, जिला स्कूल मैदान में भी लौटी पुरानी परंपरा; हजारों की संख्या में जुटे दर्शक

भागलपुर। बुराई पर अच्छाई, अधर्म पर धर्म और असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक विजयादशमी का पर्व भागलपुर में धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया गया। शहर में दो प्रमुख स्थानों पर रावण दहन कार्यक्रम आयोजित किए गए। नाथनगर के कर्णगढ़ स्थित सीटीएस मैदान में करीब 30 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन हुआ, वहीं लगभग 15 साल बाद जिला स्कूल मैदान में भी रावण, मेघनाथ और कुंभकरण के पुतलों का दहन किया गया। दोनों स्थानों पर जय श्रीराम के जयकारों से माहौल भक्तिमय हो उठा।

सीटीएस मैदान में 30 फीट के रावण का दहन

विजयादशमी के अवसर पर नाथनगर के कर्णगढ़ स्थित सीटीएस मैदान में भव्य रावण दहन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यहां करीब 30 फीट ऊंचे रावण के साथ मेघनाथ और कुंभकरण के विशाल पुतलों का भी दहन किया गया। कार्यक्रम में जिलाधिकारी अलंकृता पांडे ने रावण के पुतले का दहन किया, जबकि वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव ने मेघनाथ और सदर एसडीओ विकास कुमार ने कुंभकरण के पुतले का दहन किया।

पुतलों के जलते ही पूरा मैदान जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। इस ऐतिहासिक पल को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। लोगों ने उत्साह के साथ रावण दहन का आनंद लिया और बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया।

करीब 200 साल पुरानी रामलीला परंपरा से जुड़ा आयोजन

नाथनगर में रावण दहन का आयोजन करीब 200 साल पुरानी ऐतिहासिक रामलीला परंपरा से जुड़ा है। नाथनगर रामलीला कमेटी की ओर से गोलदारपट्टी स्थित रामलीला मैदान में लगातार नौ दिनों तक रामलीला का मंचन किया जाता है। कलाकार भगवान श्रीराम के जीवन, आदर्शों और रावण वध की कथा का मंचन कर लोगों को धर्म, सत्य और सदाचार का संदेश देते हैं।

15 साल बाद जिला स्कूल मैदान में हुआ रावण दहन

भागलपुर के जिला स्कूल मैदान में भी विजयादशमी का उत्साह देखने को मिला। यहां करीब 15 साल के लंबे अंतराल के बाद रावण, मेघनाथ और कुंभकरण के पुतलों का दहन किया गया। कार्यक्रम में मेयर वसुंधरा लाल, नगर विधायक रोहित पांडेय सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। मेयर वसुंधरा लाल और विधायक रोहित पांडेय ने पुतलों का दहन किया।

लंबे समय बाद जिला स्कूल मैदान में रावण दहन आयोजित होने से लोगों में खासा उत्साह दिखा। कार्यक्रम को देखने के लिए हजारों की संख्या में दर्शक पहुंचे। पुतलों के दहन के साथ ही मैदान जय श्रीराम के नारों से गूंज उठा।

सुरक्षा को लेकर प्रशासन रहा मुस्तैद

दोनों स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। भीड़ को नियंत्रित करने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस बल तैनात रहा।

कुल मिलाकर, भागलपुर में विजयादशमी का पर्व धार्मिक आस्था, उत्साह और पारंपरिक उल्लास के बीच संपन्न हुआ। रावण, मेघनाथ और कुंभकरण के पुतलों का दहन कर लोगों ने संदेश दिया कि बुराई चाहे कितनी भी शक्तिशाली क्यों न हो, अंततः जीत सत्य और अच्छाई की ही होती है।

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