बाढ़ के बीच स्वास्थ्य सेवाओं का ‘ऑपरेशन’, 22 कैंप और 5 बोट एम्बुलेंस से करीब 700 लोगों का इलाज
कटिहार में बाढ़ की चुनौती के बीच जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर बड़ा अभियान चलाया है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में सड़क संपर्क बाधित होने के बावजूद मेडिकल टीमों ने नाव के जरिए जरूरतमंद लोगों तक पहुंचकर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराईं।
जिलाधिकारी की अगुवाई में प्रशासनिक टीम ने विभिन्न बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर राहत और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान कुर्सेला प्रखंड के माल गोदाम रेलवे स्टेशन के समीप भी टीम पहुंची और स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति की समीक्षा की।
एक दिन में 22 स्वास्थ्य शिविर लगाए गए, जिनमें मनिहारी में 5, अहमदाबाद में 5, कुर्सेला में 6 और बरारी में 6 कैंप शामिल रहे। इन शिविरों में करीब 700 लोगों को इलाज, दवा और स्वास्थ्य परामर्श दिया गया।
वहीं, बाढ़ के कारण जिन इलाकों में सड़क से पहुंचना मुश्किल था, वहां 5 बोट एम्बुलेंस के जरिए मेडिकल टीमों को जरूरतमंदों तक पहुंचाया गया।
जलजनित बीमारियों से बचाव के लिए 485 हैलोजन टैबलेट भी वितरित की गईं। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लोगों को स्वच्छ पेयजल और साफ-सफाई के प्रति जागरूक किया।
राहत की बात यह रही कि मंगलवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से सांप काटने या किसी अन्य अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।
वहीं, प्रशासन ने बाढ़ राहत के साथ-साथ पंचायतों के दीर्घकालिक विकास पर भी जोर दिया है। पंचायत स्तर पर योजनाओं की समीक्षा करते हुए स्वास्थ्य केंद्रों और अन्य बुनियादी सुविधाओं के कायाकल्प की तैयारी की जा रही है।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को दो दिनों के भीतर योजनाओं का चयन कर प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया है।
यानी कटिहार में प्रशासन का फोकस साफ है—बाढ़ के बीच तत्काल स्वास्थ्य सेवा पहुंचाने के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी विकास की नींव मजबूत करना।











