गोरखधाम में आस्था का आसमानी नजारा, हेलीकॉप्टर से बरसे फूल तो झूम उठे शिवभक्त

कटिहार के गोरखधाम मंदिर में हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा, हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजा परिसर

Ktn न्यूज़ के लिए आज़मनगर से अशरफी की रिपोर्ट

कटिहार/आजमनगर। श्रावण मास की अंतिम सोमवारी के अवसर पर कटिहार के आजमनगर प्रखंड स्थित प्रसिद्ध गोरखधाम मंदिर में श्रद्धालुओं के ऊपर पहली बार हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की गई। आसमान से बरसते फूलों को देखकर शिवभक्तों में खुशी की लहर दौड़ गई। पूरा मंदिर परिसर “हर-हर महादेव” और “ॐ नमः शिवाय” के जयघोष से गूंज उठा।

श्रावण पूर्णिमा के मौके पर दशकों पुरानी परंपरा के तहत बड़ी संख्या में शिवभक्त मनिहारी के उत्तरवाहिनी गंगा तट से जल लेकर गोरखधाम मंदिर पहुंचते हैं और यहां स्थित श्वेत मानस लिंग पर जलाभिषेक करते हैं। अंतिम सोमवारी पर भी लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा।

बिहार पर्यटन विभाग के निर्धारित कार्यक्रम के तहत इस बार प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर श्रावणी पूर्णिमा के अवसर पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की पहल की गई। इसी कड़ी में आजमनगर प्रखंड के गोरखपुर पंचायत स्थित गोरखधाम मंदिर में भी शिवभक्तों पर आसमान से फूल बरसाए गए।

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। मंदिर न्यास कमिटी के सदस्यों के साथ प्रशासनिक अधिकारी भी मंदिर परिसर में मौजूद रहे। मंदिर न्यास कमिटी के पदेन अध्यक्ष सह बारसोई एसडीओ राजू कुमार, एसडीपीओ बारसोई अजय कुमार, आजमनगर बीडीओ सरोज कुमार, सीओ अजय कुमार और सालमारी थानाध्यक्ष कुमारी जूली समेत पुलिस एवं प्रशासनिक पदाधिकारी व्यवस्था संभालते नजर आए।

प्रशासन के अनुसार, गोरखधाम मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था की मॉनिटरिंग डीएम आशुतोष द्विवेदी और एसपी परिचय कुमार स्वयं कर रहे थे।

गोरखधाम मंदिर में जलाभिषेक के बाद श्रद्धालु अपनी मनोकामना भी मांगते हैं। मंदिर परिसर में हनुमान मंदिर के समीप पेड़ में ढेला बांधने की भी पुरानी परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सच्ची श्रद्धा से यहां मनोकामना मांगकर ढेला बांधने से उनकी मुराद भगवान महादेव तक पहुंचती है। पेड़ पर लगातार बढ़ती ढेलों की संख्या श्रद्धालुओं की इस आस्था को दर्शाती है।

पौराणिक मान्यताओं और मंदिर से जुड़ी प्राचीनता के अनुसार गोरखधाम मंदिर का इतिहास करीब 500 वर्ष पुराना बताया जाता है, जबकि स्थानीय किवदंतियों में इसकी परंपरा 200 वर्ष से भी अधिक पुरानी होने का उल्लेख मिलता है।

श्रावण के इस पावन अवसर पर मंदिर में उमड़ी आस्था और हेलीकॉप्टर से हुई पुष्प वर्षा ने पूरे माहौल को भक्ति और उत्सव में बदल दिया। श्रद्धालु लगातार “हर-हर महादेव” का जयघोष करते रहे।

Ktn न्यूज़ के लिए आज़मनगर से अशरफी की रिपोर्ट

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