शिक्षक दिवस विशेष: 1 रुपये फीस, हजारों बच्चों का भविष्य… यही हैं असली महानायक
आज शिक्षक दिवस पर कहानी एक ऐसे गुरु की, जिन्होंने पढ़ाई को कमाई का जरिया नहीं, बल्कि गरीब बच्चों का भविष्य संवारने का मिशन बना लिया।
नाम है सुजीत चट्टोपाध्याय, लेकिन बच्चे और लोग उन्हें प्यार से ‘मास्टर मोशाई’ कहते हैं।
साल 2004 से शुरू हुआ उनका यह सफर आज हजारों आदिवासी बच्चों की जिंदगी बदल चुका है। अब तक 3 हजार से ज्यादा बच्चों को शिक्षा दे चुके मास्टर मोशाई के पास कई बच्चे 20 किलोमीटर तक साइकिल चलाकर पढ़ने आते हैं।
सबसे खास बात उनकी फीस है… महज 1 रुपया!
जब कुछ लड़कियों ने एक रुपये फीस देने की बात कही, तो उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि इसके साथ चार चॉकलेट भी देंगे। उनके लिए रिटायरमेंट के बाद पढ़ाना जिंदगी की दूसरी पारी थी।
गरीब बच्चों को शिक्षा की राह दिखाने वाले इस शिक्षक का जुनून आज भी कम नहीं हुआ है। उनका कहना है कि वे आखिरी सांस तक पढ़ाना चाहते हैं।
उनके इसी समर्पण को देश ने भी सलाम किया। वर्ष 2021 में सुजीत चट्टोपाध्याय को पद्म श्री से सम्मानित किया गया।
कहते हैं… गुरु सिर्फ ज्ञान नहीं देता, बल्कि एक पूरी जिंदगी बदल देता है। मास्टर मोशाई इसी बात की मिसाल हैं।











