सुशील सिंह का विपक्ष पर निशाना, बोले- जीत का श्रेय लेते हैं, हार पर आयोग और सुप्रीम कोर्ट को घेरते हैं
चंदौली: सैयदराजा से भाजपा विधायक सुशील सिंह ने इंडिया गठबंधन और विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए चुनावी प्रक्रिया को लेकर बड़ा बयान दिया है। विधायक ने कहा कि विपक्ष चुनाव जीतने पर अपनी जीत का श्रेय लेता है, लेकिन चुनाव हारने के बाद चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट पर सवाल उठाने लगता है।
सुशील सिंह ने कहा कि Form-6 के जरिए मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया चुनावी व्यवस्था का हिस्सा है। उन्होंने विपक्ष की ओर से चुनाव प्रक्रिया को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि चुनावी प्रक्रिया को लेकर बेवजह भ्रम की स्थिति पैदा नहीं की जानी चाहिए।
चुनावी प्रक्रिया को लेकर विपक्ष पर हमला
भाजपा विधायक ने विपक्षी दलों पर आरोप लगाते हुए कहा कि जब चुनाव का परिणाम उनके पक्ष में आता है तो वे अपनी जीत का श्रेय लेते हैं। वहीं, परिणाम विपरीत होने पर चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट को कटघरे में खड़ा किया जाता है। सुशील सिंह का यह बयान ऐसे समय आया है जब चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी तेज है।
उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया निर्धारित नियमों के तहत होती है। Form-6 के माध्यम से मतदाता सूची में नाम जोड़ने की प्रक्रिया को लेकर भी उन्होंने विपक्ष के सवालों पर अपनी बात रखी।
धानापुर में पांच दिवसीय राम कथा
वहीं, सुशील सिंह ने चंदौली के धानापुर में 20 से 24 अक्टूबर तक आयोजित होने वाली पांच दिवसीय राम कथा की जानकारी भी दी। पूज्य राजन जी महाराज के सानिध्य में होने वाली राम कथा का आयोजन दशमी तालाब के पास किया जाएगा।
विधायक के मुताबिक, राम कथा में 25 हजार से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। कार्यक्रम दोपहर 2 बजे से शुरू होकर शाम तक चलेगा। उन्होंने राम भक्तों से बड़ी संख्या में कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की।
मथुरा में भव्य आयोजन की बात
सुशील सिंह ने कहा कि अयोध्या की तर्ज पर मथुरा में भी भगवान श्रीकृष्ण के स्थल का विकास और भव्य आयोजन किया जाएगा। उनके इस बयान को धार्मिक और सांस्कृतिक विकास से जोड़कर देखा जा रहा है।
चुनावी प्रक्रिया को लेकर दिए गए बयान और धानापुर में प्रस्तावित राम कथा को लेकर सुशील सिंह एक बार फिर चर्चा में हैं। उनके बयान के बाद चंदौली की सियासत में राजनीतिक प्रतिक्रिया तेज होने की संभावना है।











