कटिहार में बाढ़ प्रभावित किसानों के मुआवजे की प्रक्रिया तेज, 2,892 आवेदन स्वीकृत
कटिहार, 08 अक्टूबर 2026। बाढ़ और खेतों में जलजमाव से फसल क्षति झेलने वाले किसानों को राहत पहुंचाने के लिए कटिहार जिला प्रशासन और कृषि विभाग ने मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया तेज कर दी है। प्राणपुर और अमदाबाद प्रखंड में फसल क्षति के लिए 5,820 ऑनलाइन आवेदन प्राप्त हुए, जिनके सत्यापन के बाद 2,892 आवेदन स्वीकृत किए गए हैं।
जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी के दिशा-निर्देशन में कृषि विभाग और आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से किसानों के आवेदनों का स्थल और अभिलेख आधारित बहु-स्तरीय सत्यापन कराया गया। कृषि समन्वयक, किसान सलाहकार, ATM, BTM, SDAO, DAO और ADM, आपदा स्तर के अधिकारियों एवं कर्मियों की टीम ने आवेदनों की जांच की।
5,820 आवेदन, 2,892 स्वीकृत
बाढ़ और नदियों के फाटक खोले जाने के कारण खेतों में जलजमाव से किसानों की फसलों को नुकसान हुआ था। इसके बाद किसानों ने DBT पोर्टल के माध्यम से फसल क्षति के लिए ऑनलाइन आवेदन किया। प्राप्त 5,820 आवेदनों में सत्यापन के बाद पात्र पाए गए 2,892 आवेदनों को स्वीकृति दी गई है।
स्वीकृत आवेदनों का सत्यापित प्रतिवेदन किसानों के बैंक खातों में फसल क्षति मुआवजा राशि के भुगतान के लिए कृषि विभाग को ऑनलाइन अग्रसारित कर दिया गया है।
त्वरित सत्यापन में कटिहार ने बनाया उदाहरण
जिला प्रशासन के अनुसार, कटिहार जिले में प्राप्त फसल क्षति से संबंधित आवेदनों का त्वरित और बहु-स्तरीय सत्यापन कर राज्य स्तर पर सबसे पहले सत्यापित प्रतिवेदन विभाग को उपलब्ध कराया गया। अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई जिला प्रशासन, कृषि विभाग और क्षेत्रीय स्तर के पदाधिकारियों एवं कर्मियों के समन्वित प्रयास से निर्धारित समय-सीमा में पूरी की गई।
बेहतर कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मी सम्मानित
फसल क्षति से संबंधित आवेदनों के त्वरित सत्यापन और समयबद्ध निष्पादन में योगदान देने वाले पदाधिकारियों एवं कर्मियों को सम्मानित भी किया गया। जिला कृषि पदाधिकारी राजीव कुमार की ओर से संयुक्त कृषि भवन, कटिहार में सम्मान समारोह आयोजित किया गया।
इस दौरान जिला मुख्यालय के संबंधित पदाधिकारी-कर्मी, प्राणपुर और अमदाबाद के BDO, कृषि विभाग के अधिकारी एवं कर्मियों सहित अन्य संबंधित कर्मचारियों को प्रशंसा-पत्र देकर सम्मानित किया गया।
अपर समाहर्ता, आपदा प्रबंधन फिरोज अख्तर ने कहा कि आपदा की स्थिति में किसानों तक सरकारी सहायता समय पर पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन, कृषि विभाग और आपदा प्रबंधन विभाग के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। टीम भावना के साथ किए गए कार्य के कारण सत्यापित प्रतिवेदन राज्य स्तर पर सबसे पहले समर्पित किया जा सका।
जिला कृषि पदाधिकारी राजीव कुमार ने कहा कि फसल क्षति का निष्पक्ष आकलन और पात्र किसानों तक समयबद्ध राहत पहुंचाना विभाग की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्राप्त आवेदनों का सत्यापन कर प्रतिवेदन ऑनलाइन विभाग को भेजा जा चुका है और किसानों को मुआवजा राशि का लाभ दिलाने की दिशा में कार्रवाई जारी है।











