मानव तस्करी पर बिहार सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति, 1,200 से अधिक लापता बच्चों की हुई बरामदगी
पटना: गृह विभाग, बिहार द्वारा ज्ञान भवन, पटना में आयोजित ‘गुमशुदा बच्चों एवं मानव तस्करी पर पूर्वी क्षेत्रीय सम्मेलन’ को संबोधित करते हुए राज्य सरकार ने बच्चों की सुरक्षा और मानव तस्करी की रोकथाम को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। कार्यक्रम में बताया गया कि बच्चों की सुरक्षा एवं मानव तस्करी के खिलाफ बिहार सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति है। मामलों की प्रभावी निगरानी के लिए ‘सहयोग शिविर’ के माध्यम से रियल टाइम मॉनिटरिंग की जा रही है। इसके परिणामस्वरूप अब तक लगभग 1,200 से अधिक लापता बच्चों की बरामदगी की जा चुकी है।वहीं, ‘नया सवेरा 3.0’ अभियान के जरिए पीड़ितों की बरामदगी के साथ उनके पुनर्वास, कौशल विकास और सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
मानव तस्करी की रोकथाम के लिए रोजगार और कौशल विकास को भी महत्वपूर्ण माध्यम माना गया है। सरकार का प्रयास है कि युवाओं और कमजोर वर्गों को बेहतर रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराकर उन्हें तस्करी के जोखिम से सुरक्षित रखा जा सके।
सम्मेलन में मानव तस्करी की रोकथाम, लापता बच्चों की शीघ्र बरामदगी और पीड़ितों के पुनर्वास को लेकर विभिन्न स्तरों पर बेहतर समन्वय और प्रभावी कार्रवाई पर जोर दिया गया।











