कटिहार : केहूनिया पंचायत के स्कूल में 44.85 लाख के गबन का दावा फर्जी! जांच में AI से तैयार दस्तावेजों का खुलासा
कटिहार के प्राणपुर प्रखंड के दीघापार स्थित नया प्राथमिक विद्यालय के भवन निर्माण को लेकर लगाए गए 44 लाख 85 हजार रुपये के गबन के आरोप में बड़ा खुलासा हुआ है।
ग्रामीणों ने स्कूल भवन निर्माण के नाम पर सरकारी राशि के गबन का आरोप लगाते हुए प्रशासन से शिकायत की थी। लेकिन शिकायत के बाद हुई जांच में सरकारी राशि के गबन का दावा गलत पाया गया।
सदर एसडीओ सूरज कुमार, डीईओ राहुल चंद्र चौधरी और बीडीओ अभिजीत कुमार के नेतृत्व में जांच टीम स्कूल पहुंची। टीम ने मौके पर स्कूल की स्थिति का जायजा लिया और शिकायत के साथ लगाए गए दस्तावेजों का विभागीय रिकॉर्ड से मिलान किया।
जांच में सामने आया कि स्कूल भवन निर्माण के लिए 44 लाख 85 हजार रुपये का आवंटन ही नहीं हुआ था। न किसी एजेंसी को इस मद में भुगतान किया गया और न ही सरकारी खाते से उक्त राशि की निकासी हुई।
वहीं, शिकायत के आधार बने दस्तावेजों की जांच में एक नया एंगल सामने आया। अधिकारियों के मुताबिक, दस्तावेज सरकारी कागजात जैसे दिखाई दे रहे थे, लेकिन वे वास्तविक सरकारी रिकॉर्ड नहीं थे। बताया गया कि इन दस्तावेजों को AI की मदद से तैयार किया गया था।
दस्तावेज तैयार करने वाले व्यक्ति ने भी कथित तौर पर स्वीकार किया है कि ये कागजात ChatGPT से तैयार किए गए थे।
हालांकि, स्कूल की वास्तविक समस्या अभी भी बरकरार है। नया प्राथमिक विद्यालय दीघापार के पास अपना पक्का भवन नहीं है और स्कूल फिलहाल झोपड़ीनुमा किराए के मकान में संचालित हो रहा है।
ऐसे में सवाल यह है कि AI से तैयार फर्जी दस्तावेजों के जरिए सरकारी सिस्टम को गुमराह करने की कोशिश आखिर किसने और क्यों की? अब प्रशासन के सामने इन दस्तावेजों को तैयार करने वाले व्यक्ति और पूरे मामले की सच्चाई सामने लाने की चुनौती है।











