भागलपुर में दो जहाजों की टक्कर, यात्रियों से भरे जहाज भिड़े; टला बड़ा हादसा

भागलपुर। विक्रमशिला सेतु की मरम्मत के कारण पुल पर परिचालन बंद होने के बाद भागलपुर और नवगछिया के बीच आवागमन के लिए गंगा नदी में जहाज सेवा शुरू की गई है। इसी बीच वियाडा गंगा घाट के पास दो जहाजों के आपस में टकराने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि घटना के वक्त दोनों जहाजों पर यात्री सवार थे। हालांकि, गनीमत रही कि इस घटना में कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।

जानकारी के अनुसार, सरकार और जिला प्रशासन के स्तर से भागलपुर और नवगछिया के बीच लोगों की आवाजाही को आसान बनाने के लिए वियाडा गंगा घाट से जहाजों का परिचालन शुरू कराया गया है। विक्रमशिला सेतु पर मरम्मत कार्य चलने के कारण बड़ी संख्या में लोग इस वैकल्पिक जल मार्ग का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में जहाजों के सुरक्षित और व्यवस्थित परिचालन की जिम्मेदारी भी काफी महत्वपूर्ण हो गई है।

बताया जा रहा है कि जहाजों के परिचालन की समय-सारणी को लेकर संवेदकों के बीच विवाद की स्थिति बनी हुई थी। इसी दौरान वियाडा गंगा घाट के रैंप के पास एक जहाज दूसरे जहाज के संपर्क में आ गया। जानकारी के मुताबिक, संवेदक शेखर के जहाज ने एमवी स्वामी परमहंस जहाज के पिछले हिस्से में टक्कर मार दी। टक्कर के बाद दोनों जहाजों पर मौजूद यात्रियों के बीच कुछ देर के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।

स्थानीय स्तर पर सामने आई जानकारी के अनुसार, जहाजों के संचालन को लेकर समय-सारणी और आपसी समन्वय को लेकर विवाद के बाद यह घटना हुई। हालांकि, टक्कर के कारण किसी बड़े नुकसान या गंभीर दुर्घटना की सूचना नहीं है। गनीमत रही कि दोनों जहाजों पर यात्रियों के बावजूद बड़ा हादसा टल गया।

विक्रमशिला सेतु के बंद होने के कारण भागलपुर और नवगछिया के बीच पहले से ही लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में जलमार्ग को वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर शुरू किया गया है। लेकिन जहाजों के बीच टक्कर की घटना ने सुरक्षित परिचालन, समय-सारणी और आपसी समन्वय को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

अब जरूरत है कि संबंधित विभाग और प्रशासन जहाजों के परिचालन की समय-सारणी और सुरक्षा व्यवस्था को स्पष्ट करें, ताकि यात्रियों की सुरक्षा से किसी तरह का समझौता न हो और भविष्य में इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

रिपोर्ट: KTN News Desk

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *