कलश यात्रा में मातम: बरंडी नदी में डूबने से 15 वर्षीय तेजस की मौत, सुरक्षा इंतजामों को लेकर उठे सवाल
फलका (कटिहार)। गणेश महोत्सव की भव्य कलश शोभायात्रा के दौरान सोमवार को बरंडी नदी में हुई दर्दनाक घटना ने पूरे फलका क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। हजारों श्रद्धालुओं और कुमारी कन्याओं की आस्था से जुड़ा उत्सव उस समय चीख-पुकार और मातम में बदल गया, जब निसुंदरा पुल के समीप नदी में स्नान और जल भरने के दौरान दो किशोर डूब गए। इस हादसे में फलका बाजार निवासी 15 वर्षीय तेजस कुमार की मौत हो गई, जबकि 12 वर्षीय पियूष कुमार गंभीर हालत में इलाजरत है।
तेजस अपने माता-पिता का इकलौता पुत्र था। बेटे की मौत की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। घर में कोहराम मचा है और पूरे बाजार में शोक का माहौल है। जिस परिवार ने सुबह अपने बेटे को धार्मिक आयोजन में भेजा था, शाम तक उसी घर में मातम पसरा हुआ था।
घटना के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि गणेश महोत्सव और कलश शोभायात्रा को लेकर आयोजित शांति समिति की बैठक में नदी घाटों पर बैरिकेडिंग, तैराकों की तैनाती और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात कही गई थी। लेकिन जब हजारों श्रद्धालु नदी घाट पर पहुंचे तो वहां पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नजर नहीं आए।
प्रखंड प्रमुख दीपशिखा सिंह, जिला परिषद प्रतिनिधि बलराम साह, मुखिया संघ अध्यक्ष राजेश कुमार रंजन, मुखिया प्रतिनिधि संजय झा, मुखिया प्रतिनिधि अमित कुमार गुप्ता तथा वार्ड सदस्य संघ अध्यक्ष कृष्णा आदित्य समेत कई जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि यदि प्रशासन द्वारा बैठक में किए गए आश्वासनों के अनुरूप सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई होती तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था।
जनप्रतिनिधियों ने विशेष रूप से अंचलाधिकारी सौमी पोद्दार और बीडीओ सन्नी कुमार सौरभ की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि इतने बड़े धार्मिक आयोजन में संभावित जोखिम को देखते हुए नदी घाट पर विशेष निगरानी, तैराकों की तैनाती और आपातकालीन व्यवस्था अनिवार्य थी। उनका आरोप है कि सुरक्षा तैयारियों में कमी के कारण एक मासूम की जान चली गई और दूसरा जिंदगी के लिए संघर्ष कर रहा है। हालांकि प्रशासन की ओर से इस संबंध में आधिकारिक जांच या जिम्मेदारी तय किए जाने की प्रक्रिया की जानकारी अभी सामने नहीं आई है। हादसे के वास्तविक कारणों और सुरक्षा इंतजामों की स्थिति की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पहले से चर्चा हुई थी, तो फिर बरंडी नदी घाट पर आवश्यक इंतजाम क्यों नहीं दिखे? इस सवाल का जवाब तेजस के परिजन, स्थानीय लोग और पूरा फलका क्षेत्र जानना चाहता है।
एक धार्मिक उत्सव के बीच हुई इस दर्दनाक घटना ने प्रशासनिक तैयारियों पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है। अब क्षेत्र के लोग मामले की निष्पक्ष जांच, जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई और भविष्य में ऐसे आयोजनों के दौरान पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं।











