कटिहार निबंधन कार्यालय में जमीन की रजिस्ट्री प्रक्रिया में डिजिटल बदलाव, पेपरलेस व्यवस्था पर जोर
- ऑनलाइन दस्तावेज और डिजिटल सत्यापन से प्रक्रिया को आसान बनाने की कोशिश, लोगों को नई व्यवस्था के प्रति किया जा रहा जागरूक
कटिहार। कटिहार निबंधन कार्यालय में जमीन की रजिस्ट्री प्रक्रिया को डिजिटल और पेपरलेस बनाने की दिशा में किए गए बदलाव का असर अब दिखाई देने लगा है। रजिस्ट्री से जुड़ी प्रक्रियाओं में ऑनलाइन व्यवस्था के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे दस्तावेज तैयार करने और उनके सत्यापन की प्रक्रिया को अधिक सुविधाजनक बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
जमीन की रजिस्ट्री कराने के लिए निबंधन कार्यालय पहुंचने वाले लोगों को डिजिटल प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी जा रही है। ऑनलाइन व्यवस्था के माध्यम से दस्तावेजों की तैयारी और संबंधित जानकारी के इस्तेमाल से कागजी प्रक्रिया पर निर्भरता कम करने की कोशिश की जा रही है।
डिजिटल व्यवस्था से समय बचाने पर जोर
निबंधन कार्यालय में अपनाई जा रही डिजिटल प्रक्रिया का उद्देश्य दस्तावेजों के प्रबंधन को आसान बनाना और रिकॉर्ड को सुरक्षित तरीके से उपलब्ध रखना है। ऑनलाइन प्रक्रिया के इस्तेमाल से दस्तावेजों से संबंधित काम को व्यवस्थित करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
कार्यालय आने वाले लोगों को नई व्यवस्था के बारे में जानकारी दी जा रही है, ताकि वे रजिस्ट्री से जुड़ी ऑनलाइन प्रक्रियाओं को समझ सकें और उनका इस्तेमाल कर सकें। धीरे-धीरे लोग डिजिटल व्यवस्था को अपनाने की ओर बढ़ रहे हैं।
लोगों को जागरूक करने पर जोर
निबंधन पदाधिकारी हरिशंकर सुमन के अनुसार, तकनीक के इस्तेमाल के जरिए रजिस्ट्री प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुविधाजनक बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि लोगों को डिजिटल प्रक्रिया के प्रति जागरूक किया जा रहा है, ताकि जमीन की रजिस्ट्री के दौरान अनावश्यक परेशानी को कम किया जा सके।
डिजिटल माध्यमों के जरिए भी नई व्यवस्था से संबंधित जानकारी लोगों तक पहुंचाई जा रही है। इससे आम लोगों को ऑनलाइन प्रक्रिया की जानकारी मिल रही है और वे रजिस्ट्री से जुड़े डिजिटल सिस्टम को समझने की कोशिश कर रहे हैं।
निबंधन कार्यालय में डिजिटल व्यवस्था के विस्तार के साथ जमीन की रजिस्ट्री से जुड़ी प्रक्रियाओं को अधिक व्यवस्थित और सुविधाजनक बनाने पर जोर दिया जा रहा है।











