एटीएम कार्ड फंसने का झांसा देकर साइबर ठगी, दो गिरफ्तार; 40 हजार नकद समेत सामान बरामद

नवगछिया में ATM कार्ड निकालकर खाते से निकाले गए रुपये, तकनीकी जांच के बाद पुलिस ने दो आरोपितों को पकड़ा

भागलपुर/नवगछिया। नवगछिया पुलिस ने एटीएम कार्ड फंसने का झांसा देकर कथित साइबर ठगी के एक मामले का खुलासा करते हुए दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपितों के पास से 40 हजार रुपये नकद, 32 सिम कार्ड, 11 एटीएम कार्ड, 9 आधार कार्ड, 7 पासबुक और 6 मोबाइल फोन समेत कई अन्य सामान बरामद किए गए हैं।

मामले की जानकारी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सायम रजा ने प्रेस वार्ता के दौरान दी। पुलिस के मुताबिक, 9 सितंबर को कैलाश मंडल ने साइबर थाना नवगछिया में आवेदन देकर शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि 7 सितंबर को वह मकंदपुर चौक स्थित एटीएम से रुपये निकालने गए थे। इसी दौरान उनका एटीएम कार्ड मशीन में फंस गया।

बैंक कर्मचारी बनकर किया संपर्क

पुलिस के अनुसार, एटीएम कक्ष में सहायता के लिए उपलब्ध कराए गए मोबाइल नंबर पर कैलाश मंडल ने संपर्क किया। फोन करने वाले व्यक्ति ने कथित तौर पर खुद को बैंक कर्मचारी बताया और उन्हें भरोसे में लेकर एसबीआई मेन ब्रांच नवगछिया आने को कहा।

पुलिस का कहना है कि इसी दौरान आरोपितों ने एटीएम मशीन से कार्ड निकाल लिया। इसके बाद नवगछिया जीरो माइल स्थित एटीएम से 40 हजार रुपये की निकासी की गई। पुलिस के मुताबिक, इसके अलावा 1,59,998 रुपये दूसरे बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए।

इस मामले में नवगछिया साइबर थाना कांड संख्या 50/26 दर्ज किया गया।

तकनीकी जांच से आरोपितों तक पहुंची पुलिस

मामले की जांच के लिए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एसडीपीओ सायम रजा के नेतृत्व में साइबर थाना और तकनीकी टीम गठित की गई। पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान एटीएम कक्ष में चिपकाए गए मोबाइल नंबर से जुड़े 23 IMEI की तकनीकी जानकारी सामने आई।

इन नंबरों के सीडीआर की जांच के दौरान एक मोबाइल नंबर सक्रिय मिला, जिसकी लोकेशन शेखपुरा जिले के बरबीघा में मिली। पुलिस टीम ने लोकेशन के आधार पर वहां पहुंचकर जांच की। पुलिस के मुताबिक, घटना के समय एटीएम के पास मौजूद एक कार की भी जानकारी मिली। इसके बाद सत्यापन और छापेमारी की कार्रवाई में दो आरोपितों को गिरफ्तार किया गया।

नवादा और शेखपुरा के रहने वाले हैं गिरफ्तार आरोपित

गिरफ्तार आरोपितों की पहचान पुलिस ने सोनू कुमार, पिता रामानुज सिंह, निवासी बाजपुर, थाना पकरीबरावां, जिला नवादा और विपुल कुमार, पिता रामश्रय सिंह, निवासी मोहब्बतपुर, थाना शेखोपुर सराय, जिला शेखपुरा के रूप में की है।

पुलिस के अनुसार, पूछताछ में दोनों ने साइबर फ्रॉड के जरिए एटीएम से रुपये निकालने की बात स्वीकार की है। पुलिस का आरोप है कि विपुल कुमार फर्जी सिम कार्ड, बैंक खाते और एटीएम कार्ड ओडिशा से मंगाकर अपने सहयोगियों मोनू कुमार और दिलखुश कुमार को देता था। पुलिस के मुताबिक, इसके बाद मोनू कुमार और दिलखुश कुमार कथित तौर पर फ्रॉड की रकम बैंक खातों में जमा करते थे।

बड़ी संख्या में दस्तावेज और सामान बरामद

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपितों के पास से 40 हजार रुपये नकद के अलावा 32 सिम कार्ड, 6 पैन कार्ड, 11 एटीएम कार्ड, 9 आधार कार्ड, 7 पासबुक, 6 मोबाइल फोन, एक चारपहिया वाहन, एक ड्राइविंग लाइसेंस, दो चेकबुक तथा सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए हैं।

पुलिस अब मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है और उनकी गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई जारी है।

आरोपितों के पूर्व आपराधिक इतिहास की भी जांच

पुलिस के अनुसार, विपुल कुमार का पूर्व आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक उसके विरुद्ध दिल्ली के कमला मार्केट थाना और शेखपुरा थाना में मामले दर्ज हैं। वहीं सोनू कुमार के विरुद्ध नवादा के पकरीबरावां थाना में मामला दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है।

फिलहाल पुलिस साइबर ठगी के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों, फर्जी सिम और बैंक खातों के इस्तेमाल तथा रकम के लेन-देन की जानकारी जुटाने में लगी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *